मुख्य सामग्री पर जाएँ

यत्र यत्र रघुनाथ कीर्तनम् (हनुमान सुरक्षा)

हनुमान श्लोक / पद्य सरल - कोई भी जप कर सकता है सभी के लिए सुरक्षित
Original Sanskrit

यत्र यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्तकाञ्जलिम्।
बाष्पवारिपरिपूर्णलोचनं मारुतिं नमत राक्षसान्तकम्॥

Yatra Yatra Raghunatha Kirtanam Tatra Tatra Krita-mastaka-anjalim
Baashpa-vaari-paripurna-lochanam Maarutim Namata Raakshasa-antakam

जप काउंटर शुरू करें
RECOMMENDED COUNT
1 3 11
अर्थ

जहां-जहां रघुनाथ का कीर्तन होता है, वहां-वहां हनुमान हाथ जोड़े खड़े रहते हैं, भक्ति के आंसुओं से भरी आंखों के साथ। राक्षसों का अंत करने वाले मारुति को नमस्कार।

कब जप करना चाहिए

For protection, before travel, during difficulties.

सर्वोत्तम समय: Tuesday, Saturday

लाभ
Powerful protection, invokes Hanuman's presence.
सुनना 🤖 TTS
SPEED

Pronunciation aid only — not a certified Vedic recitation.

प्रकार
श्लोक / पद्य
लंबाई
छोटा (1-2 पंक्तियाँ)
कठिनाई
सरल - कोई भी जप कर सकता है
देवता:
हनुमान
शेयर करना