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समुद्र वसने देवि (प्रातः भूमि प्रार्थना)
समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले।
विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे॥
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