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मुदाकरात्त मोदकम् (गणेश पञ्चरत्नम्)
मुदाकरात्त मोदकं सदा विमुक्तिसाधकं
कलाधरावतंसकं विलासिलोकरक्षकम्।
अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं
नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम्॥
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