यत्र यत्र रघुनाथ कीर्तनम् (हनुमान सुरक्षा)
यत्र यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्तकाञ्जलिम्।
बाष्पवारिपरिपूर्णलोचनं मारुतिं नमत रा…
जहां-जहां रघुनाथ का कीर्तन होता है, वहां-वहां हनुमान हाथ जोड़े खड़े रहते हैं, भक्ति के आंसुओं से भरी आंखों के साथ। राक्षसों …
श्लोक / पद्य
सरल - कोई भी जप कर सकता है
साहस और शक्ति
सुरक्षा