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जय अम्बे गौरी

Durga/Ambika

नवरात्रि, शुक्रवार, दुर्गा पूजा

Navaratri लोकप्रिय मंदिर 125 समीक्षाएं
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥जय... मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्जवल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥जय... कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे। रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजे॥जय... केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी। सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी॥जय... कानन कुंडल शोभित, नासाग्रे मोती। कोटिक चंद्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥जय... शंभु निशंभु बिडारे, महिषासुर घाती। धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती॥जय... चंड-मुंड संहारे, शोणित बीज हरे। मधु कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥जय... ब्रह्माणी रुद्राणी, तुम कमला रानी। आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥जय... चौंसठ योगिनि गावत, नृत्य करत भैरों। बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरू॥जय... तुम ही जग की माता, तुम ही हो भर्ता। भक्तन की दुख हरता, सुख सम्पत्ति कर्ता॥जय... भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्परधारी। मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी॥जय अम्बे गौरी...
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