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ध्वनि की बुनियाद

स्वर, लंबाई और श्वास

9 मिनट

जब शुरुआती साधक छोटे और लंबे स्वरों का अंतर सुनने लगते हैं, तब वे जल्दी सुधारते हैं। आपको पूरी व्याकरण पढ़ने की ज़रूरत नहीं है। आपको बस यह सुनना है कि ध्वनि छोटी कट रही है या थोड़ी लंबी जा रही है।

जब श्वास भागती है तो स्वर टूटते हैं। जब श्वास स्थिर होती है तो मंत्र का उच्चारण और स्मरण दोनों आसान हो जाते हैं।