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श्वास-जागरूकता

मुद्रा, पसलियाँ और डायफ्राम

8 मिनट

जब कंधे ढीले, गर्दन लंबी और छाती सहज खुली हो, तब श्वास को अधिक स्थान मिलता है।

यह पाठ श्वास को नियंत्रण के प्रदर्शन की तरह नहीं, बल्कि जागरूकता और कोमलता के साथ साधने की दिशा देता है।

अध्ययन चेकलिस्ट

  • ज़रूरत हो तो सहारे पर बैठें

    ऊँचा सहारा झुकाव कम करता है।

  • जबड़ा ढीला रखें

    जबड़े का तनाव श्वास में भी कसाव लाता है।

  • छाती को सभी दिशाओं में फैलने दें

    सिर्फ आगे नहीं, किनारों और पीठ की तरफ भी श्वास महसूस करें।

मुद्रा, पसलियाँ और डायफ्राम