लोग कहाँ अति कर देते हैं
समस्या तब शुरू होती है जब लोग निर्णय, जिम्मेदारी और प्रमाण की जगह अंकशास्त्र को रख देते हैं।
संख्या-पैटर्न को परिणाम की गारंटी नहीं, बल्कि आत्मचिंतन के एक उपकरण की तरह देखें।
अध्ययन चेकलिस्ट
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निश्चित दावे ठुकराएँ
ऐसी व्याख्याओं से सावधान रहें जो जीवन-परिणामों का सटीक वादा करती हों।
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संदर्भ को पहले रखें
संख्याएँ वास्तविक समझ की जगह नहीं लेतीं।
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आत्मचिंतन सही ढंग से करें
पूछें कि कोई पैटर्न आपको क्या देखने में मदद करता है।